सरकार ने मदद न की तो हालात होंगे और भी गंभीर- शरीक अफ़रोज़

सरकार ने मदद न की तो हालात होंगे और भी गंभीर:

सरकार ने मदद न की तो हालात होंगे और भी गंभीर, विश्वव्यापी महामारी करोना को लेकर देश भर के कई अन्य राज्यों की तरह उत्तराखंड में भी लॉक डाउन की अवधी बढाए जाने के संकेत साफ़ है। करोना के खिलाफ जो युद्ध मानव जगतलड रहा है लॉक डाउन ही उसमे एक ऐसा अस्त्र है जिससे जान बचाई जा सकती है।

और COVID-19 के खतरे को टाला जा सकता है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष शारिक अफरोजने लोक डाउन को सही बताते हुए कहा की जहाँ इस समय लॉक डाउन के अलावा हमारेपास कोई और रास्ता इस बिमारी को रोकने का नहीं हैं।

वहीँ सरकार व प्रशासन को तत्कालयह भी सुनिश्चित करना होगा की कोरोना से बचाने की इस लड़ाई में कहीं हमारे लोग भूखकी जंग न हार जाए। शारिक ने कहा की यदि समय रहते सरकार ने उचित आर्थिक राहतके क़दम नहीं उठाये तो प्रदेश की जनता एक गंभीर आर्थिक संकट में फंस सकते हैं।

इसतरह के लॉक डाउन और महामारी का प्रारंभिक असर दिहाड़ी मजदुर और समाज में आर्थिक रूपसे कमज़ोर वर्ग पर सबसे पहले पड़ता है , परन्तु समय बढ़ने से यह आर्थिक प्रभावसमाज के माध्यम वर्ग तक तेज़ी से पहुच सकता है।

हमारे समाज में सबसे अधिक संख्यागरीब व् निचले माध्यम वर्गीय लोगो की है , जिनके लिए उत्तराखंड सरकार ने अब तक कोईठोस योजना की घोषणा नहीं की है। कोरोना महामारी की इस लड़ाई में स्कुल की फीस ,बिजली/पानी का बिल , लोंन की किश्ते अधिकाँश परिवारों पर बोझ बन गयी हैं ,इसका सीधा कारण सैलरी / कारोबार का ठप हो जाना है।

जहाँ देश के अन्य राज्य खासक्रर दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार सीधे तौर पर जनता के बीच जाकरसमस्याओं का हर संभव हल निकालने के प्रयास में है, SHEILD जैसी इनोवेटिव आईडियाके इस्तेमाल से कोरोना के प्रकोप से लड रहे है, उत्तराखंड में अभी ऐसा कुछनहीं देखा जा रहा।

टूरिज्म से जुडा हमारा उत्तराखंड एक बड़ी विकट आर्थिक स्थिति केमोहाने पर आ खड़ा हुआ है | शारिक ने सरकार से मांग की “ तुरंत एक आर्थिक पैकेजकी घोषणा करनी चाहिए जो व्यापक हो और बड़े वर्ग को राहत दे सके।

स्कुल/शैक्षिकसंस्थानों की फीस, बिजली / पानी के बिल , और लों की किश्तों में तत्काल राहत देनेकी घोषणा सरकार को तुरंत करनी चाहिए। लॉक डाउन के दौरान ज़रूरी सामान की डोर स्टेपडिलीवरी का इंतज़ाम सरकार द्वारा किया जाना चाहिए।

दिल्ली सरकार की तर्ज परउत्तराखंड में भी प्रत्येक दिहाड़ी मजदुर , कामगार , ड्राईवर इत्यादी को न्यूनतम5000 रु का मासिक की समर्थन राशि लॉक डाउन की अवधि में दी जानी चाहिए। शारिक ने कहा लॉक डाउन बढ़ने की स्थिति में कोरोना की इस लड़ाई में डॉक्टर्स, नर्स, पुलिस प्रशासन, अधिकारी, कर्मचारी, पत्रकार आदि जो अपनी जान जोखिम कर काम कर रहे हैं उनके परिवार को किसी तरह की तकलीफ न हो यह सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए।

साथ ही निचले माध्यम वर्गीय परिवार व् ऐसे कारोबार जिनपर लॉक डाउन का सीधाप्रभाव है उन्हें तत्काल चिन्हित कर राहत पैकज की घोषणा होनी अनिवार्य हो गया हैं |शारिक अफरोज ने  जनता से आह्वान किया की लॉक डाउन कापूरी जिम्मेदारी से स्वत पालन करें |

धन्यवाद
शारिक अफरोज
प्रदेश उपाध्यक्ष
आम आदमी पार्टी उत्तराखंड
८७५५५५४४६७

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