करोना महामारी से जंग- प्रशासन का सहयोग व ग्राम वासियों का संघर्ष ।

करोना महामारी से जंग-
( शाहनवाज़ हुसैन) एक तरफ़ जहां कोरोना संक्रमण महामारी से पूरा देश जंग लड़ रहा है। वहीं केंद्र और राज्य सरकार का फरमान भी जारी है, पूरे देश में लॉक डाउन व धारा 144 लागू है। वहीं स्वास्थ्य विभाग प्रशासनिक अधिकारी और मीडिया कर्मी मिलकर संघर्ष करने में लगे हैं।

अपनी जान जोखिम में डालकर देश के हर नागरिक को बचाने में लगे हैं। ताजा मामला भगवानपुर के मानक मजरा गांव का है।जहां तीन व्यक्तियों की जांच हुई जिसमें एक व्यक्ति और एक महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई । जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे गांव को क्वॉरेंटाइन कर सीज कर दिया गया।

गांव में पुलिस बल तैनात है। हर गली मोहल्लौ के रास्ते बंद कर दिए गए हैं।लोग अपने घरों में कैद हैं। दुकानें बंद हैं ग्रामवासी प्रशासन का सहयोग कर अपना पूरा योगदान दे रहे हैं। गांव में पूर्ण रूप से शांति व्यवस्था है। प्रशासनिक अधिकारियों दुवारा गांव में एलाउंसमेंट भी कराया गया।

अगर कोई व्यक्ति छतों पर पाया गया या बाहर रोड पर दिखाई दिया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी और मुकदमा दर्ज किया जाएगा। जी हां आपको बता दें यह ताजा मामला 14 अप्रैल 2020 का है जहां पूरे गांव को सीज कर दिया गया।

5 रोज बीत जाने के बाद भी सरकार से लेकर जनप्रतिनिधी तक किसी ने ग्राम वासियों का हाल तक नहीं जाना आपको बतादें इस गांव में 80% मेहनत मजदूरी करने वाले लोग रहते हैं। जो अपना छोटा मोटा रोजगार कर अपने बच्चों का पालन पोषण करने के लिए सब्जियां लगाकर अपना रोजगार चलाते हैं।

आज इस गांव का आलम यह कि अपनी तंग दस्ती पर यह गांव खुद अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। क्योंकी मजदूर तबके के लोगों ने किसान के खेतों मे सब्जियां लगाई और जब फसलै तोड़ने का वक्त आया तो पुरा गांव सीज हो गया।

अगर किसी कारण दुसरे गांव का मजदूर लगाकर सब्जियों को मंडी तक पहुंचाया जाता है तो गांव का नाम सुनते ही उनकी सब्जियां वापस कर दी जाती है किसान की फसलें खेतों मैं पड़ी है। किसी की फसलें खड़ी है किसी के पास पशु के लिए चारा नहीं है तो किसी के पास गैस सिलेंडर नहीं है।

करोना महामारी से जंग

करोना महामारी से जंग

गांव के अंदर एंट्री बंद है ना तो गांव के अंदर से कोई बाहर नही निकल सकता है और ना ही गांव में जा सकता है, अगर किसी व्यक्ति को अपना अनाज निकालना हो तो पुलिस प्रशासन की अनुमति लेनी होगी अगर किसी व्यक्ति की अचानक तबीयत खराब हो जाए तो यह जरूरी नहीं कि कोरोना वायरस की वजह से ही उसकी तबीयत खराब है।

वैसै भी नजला जुकाम खांसी बुखार मौसमी आम बात है, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारीयों से ग्रामीणों ने गुहार लगाई है अगर किसी मरीज के पास किसी डॉक्टर के कागजात हैं तो उसको गांव से निकलने की अनुमति दी जाए।

और अगर डॉक्टर के कागजात नहीं भी है तो भी उसको स्वास्थ्य विभागीय अधिकारी अच्छी तरीके से जांच करें जांच के आधार पर उसका ट्रीटमेंट कराएं गौरतलब है 14 अप्रैल को स्वास्थ्य विभाग की टीम डीजीपी गढ़वाल कमिश्नर हरिद्वार जिले के एसएसपी एसपी देहात भगवानपुर उप जिला अधिकारी भगवानपुर थानाध्यक्ष अन्य पुलिसकर्मी प्रशासनिक अधिकारी के साथ मौजूद रहे और गांव का निरीक्षण किया।

फिलहाल की अगर हम बात करें तो प्रशासन की ओर से गांव के बाहर खाने की वस्तु की 2 दुकानों की व्यवस्था की गई है। ग्रामवासी रोजाना जरूरतमंद चीज खरीद कर ले आ आते हैं।

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